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बहर में कैसे लिखें?
बहर में कैसे लिखें?
दोस्तो, आपने सोशल मीडिया पर शायरी ज़रूर सुनी होगी लेकिन अगर मैं यह कहूँ कि उनमें से ज़ियादा-तर शायरी हैं ही नहीं तो आपकी क्या प्रतिक्रिया होगी? जी हाँ मैं मज़ाक नहीं कर रहा हूँ क्योंकि वो वाक़ई शायरी नहीं होतीं।
ग़ज़ल और नज़्म में क्या अंतर है ?
ग़ज़ल और नज़्म में क्या अंतर है ?
जो शायरी के बेहद शौक़ीन होते हैं वो अक्सर ग़ज़लों के साथ साथ नज़्में भी पढ़ते हैं। लेकिन कुछ लोग ग़ज़ल और नज़्म में अंतर समझ नहीं पाते। बहुत से लोग तो ग़ज़ल पढ़ रहे होते हैं और उन्हें लगता है कि ये नज़्म और इसका ठीक उल्टा भी होता है।
शायरी की 32 प्रचलित बहरें
शायरी की 32 प्रचलित बहरें
दोस्तो आज हम बात करेंगे उर्दू शायरी की 32 प्रचलित बहरों के बारे में। यूँ तो शायरी में कई सौ बहरें हैं लेकिन उनमें से सिर्फ़ कुछ बहरें ही प्रचलित हैं।
5 Best Shayari Books
5 Best Shayari Books
आजकल तो इंटरनेट का ज़माना चल रहा है सब कुछ स्क्रीन पर हो गया है लेकिन क़िताबों का महत्त्व आज भी काम नहीं हुआ है और न होगा।
ग़ज़ल कैसे लिखें
ग़ज़ल कैसे लिखें
ग़ज़ल उर्दू काव्य शास्त्र की एक प्रचलित विधा है। अगर आप भी ग़ज़ल लिखना सीख रहे हैं तो ये पोस्ट आप की राह थोड़ी आसान कर देगी।
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ग़ज़ल में होने वाली आम ग़लतियाँ
एक और बेहद अहम सवाल नए शायरों के ज़ेहन में आता है और वो ये है कि ग़ज़ल में होने वाली आम ग़लतियाँ क्या हैं और हम कैसे उन ग़लतियों से बच सकते हैं?
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मात्रा गणना के नियम
ग़ज़ल कहने के लिए बह्र में लिखना अनिवार्य है। बिना बह्र में लिखा हुआ सिर्फ़ एक रचना कहलाएगी, ग़ज़ल नहीं। इसलिए हमें बह्र (meter) में लिखना सीखना ही पड़ता है और आज की पोस्ट में हम वही सीखेंगे।
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मात्रा गिराने के नियम
मात्रा गणना के नियम सीखने के बाद सबसे ज़रूरी विषय है मात्रा गिराने के नियम को समझना। जैसा कि मैंने पहले भी समझाया है कि शायरी में उच्चारण बहुत अहम किरदार अदा करता है किसी भी लफ़्ज़ का वज़्न तय करने में।
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क़ाफ़िया के नियम व दोष
दोस्तो, ग़ज़ल कहने के लिए क़ाफ़िया का इल्म होना बहुत ज़रूरी है। जैसा कि हमने पिछले ब्लोग पोस्ट्स में समझा था कि ग़ज़ल में रदीफ़ हो न हो मगर क़ाफ़िया का होना अनिवार्य है।
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रदीफ़ के नियम व दोष
वो शब्द या शब्दों का समूह जो क़ाफ़िए के ठीक बाद आए और हर शे'र में एक समान रहे, रदीफ़ कहलाते हैं। रदीफ़ ग़ज़ल के मूल तत्वों में से एक है जिससे ग़ज़ल की ख़ूबसूरती और बढ़ जाती है।
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अलिफ़ वस्ल के नियम
दोस्तो, अगर आपने शायरी के नियम सतही तौर पे पढ़े होंगे तो शायद आपने अलिफ़ वस्ल का नाम सुना होगा। चलिए अगर नहीं भी सुना तो आज इसके बारे में जान लीजिए।
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वाव-ए-अत्फ़ के नियम
उर्दू भाषा में जब दो शब्दों के बीच 'व', 'तथा', या 'और' शब्द का प्रयोग किया जाता है वहाँ वाव-ए-अत्फ़ का प्रयोग किया जा सकता है।
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इज़ाफ़त के नियम
उर्दू भाषा में इज़ाफ़त के द्वारा दो शब्दों को अन्तर्सम्बन्धित किया जाता है। उदाहरण के तौर पर ऊपर के दोनों शब्दों को देखें : दिल के दर्द को दर्द-ए-दिल और पुर दर्द नग़्मा को नग़्मा-ए-पुरदर्द लिखा जा सकता है।
ग़ज़ल से जुड़े शब्दों के अर्थ
ग़ज़ल से जुड़े शब्दों के अर्थ
क्या आप जानते हैं कि मतला क्या होता है ? मक़्ता क्या होता है ? ये दोनों ही लफ़्ज़ ग़ज़ल में इस्तेमाल किए जाते हैं।
शायरी से जुड़े 10 रोचक सवाल और उनके जवाब
शायरी से जुड़े 10 रोचक सवाल और उनके जवाब
आज मैं शायरी से जुड़े 10 सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले सवाल और उनके आसान जवाब लाया हूँ। मैं कोशिश करूँगा कि सिर्फ़ वो सवाल ही लूँ जो शायरी की शुरुआत करने वाले नए शायर आसानी से समझ जाएँ।
एक अच्छी कविता कैसे लिखें
एक अच्छी कविता कैसे लिखें
दोस्तो, क्या आप जानते हैं कि एक अच्छी कविता क्या होती है और हम कैसे एक अच्छी कविता लिख सकते हैं? आज इस पोस्ट में हम इन्हीं सवालों के जवाब ढूँढेंगे
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शायरी और ग़ज़ल में अंतर
आपके मन में अगर ये सवाल आता है कि ये शायरी है तो फिर ग़ज़ल क्या है या फिर शायरी और ग़ज़ल में क्या अंतर है तो ये सवाल बिल्कुल वाजिब हैं।
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नाराज़ (बुक रिव्यू)
जब भी नए दौर के बुलंद शायरों के नाम लिए जाते हैं तो उनमें से एक नाम जो ज़ेहन में आता है वो है राहत इंदौरी साहब का। राहत साहब का बे-बाक़ अंदाज़ में शे'र पढ़ना उन्हें भीड़ में एक अलग पहचान देता है।
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शायरी और सोशल मीडिया
नए दौर में शायरी को नए platforms मिले हैं जो कि एक अच्छी ख़बर है अदब के चाहने वालों के लिए।

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प्रचलित बहरों पर ग़ज़ल

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