Shergoi – Urdu Shayari, Ghazals and Nazms in Hindi

उस से मिलना है तो फिर सादा-मिज़ाजी से मिलो
आईने भेस बदल कर नहीं देखे जाते
— मेराज फ़ैज़ाबादी
ये दिल भी तो डूबेगा समुंदर में किसी के
हम भी तो लिखे होंगे मुक़द्दर में किसी के
— अशफ़ाक़ हुसैन
ज़िंदगी से बड़ी सज़ा ही नहीं
और क्या जुर्म है पता ही नहीं
— कृष्ण बिहारी नूर
कह रहा था मैं नहीं है दुख किसी भी बात का
और छलक के गिर गया इक आँसू पिछली रात का
— अच्युतम यादव 'अबतर'
वो अफ़्साना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन
उसे इक ख़ूब-सूरत मोड़ दे कर छोड़ना अच्छा
— साहिर लुधियानवी
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