दोस्तो, आज हम कोई ग़ज़ल या नज़्म नहीं पढ़ेंगे बल्कि जानेंगे 5 Best Shayari Books के बारे में जिन्हें आपको एक बार तो पढ़ना ही चाहिए अगर आप शायरी थोड़ा बहुत भी पसंद करते हैं। आजकल तो इंटरनेट का ज़माना चल रहा है सब कुछ स्क्रीन पर हो गया है लेकिन क़िताबों का महत्त्व आज भी काम नहीं हुआ है और न होगा। रही बात Shayari Books की तो क़िताब हाथों में लेकर के पढ़ने का जो मज़ा है वो फ़ोन या लैपटॉप पर नहीं है। हर एक वरक़ (page) ऐसा महकते हैं कि पाठक का मन ख़ुश हो जाता है।
आइए अब और ज़ियादा बातें किया बिना उन 5 शायरी की किताबों के नाम देखते हैं जो आपको कम से कम एक बार तो पढ़नी ही चाहिए।
5 Best Shayari Books You Must Read Once
1. नाराज़ (राहत इंदौरी)
दोस्तो, बात अगर आज के ज़माने की शायरी की करें तो राहत इंदौरी साहब का नाम ज़ेहन में ज़रूर आता है और अगर आपको राहत साहब को पढ़ना है तो उनकी क़िताब 'नाराज़' ज़रूर पढ़ें। 'नाराज़' राहत साहब की ग़ज़लों का संग्रह है और इसमें 130-133 पन्ने हैं। एक बार आप पढ़ने बैठेंगे तो पढ़ते ही रह जाएँगे क्योंकि आप को कई जगह राहत साहब का बे-बाक अंदाज़ देखने को मिलेगा। सियासत तो उनकी शायरी का एक अटूट विषय रहा है और इस क़िताब में वो आपको कई जगह देखने को मिलेगा।
2. रौशनी जारी करो (मनीष शुक्ला)
रौशनी जारी करो एक बेहद ही अनोखी ग़ज़ल संग्रह है जो कि मनीष शुक्ला साहब की है। जब मैंने यह क़िताब पढ़ी तो कई शेरों के अंदाज़ और तख़य्युल मुझे बहुत ज़ियादा पसंद आए। मनीष साहब की ग़ज़लों में मतले बड़े रोचक होते हैं और इस क़िताब में आपको ये देखने को मिलेगा। इसे Rekhta Books ने पब्लिश किया है और इसमें लगभग 120 पन्ने हैं।
3. ख़ुद से मिलने की फ़ुर्सत किसे थी (परवीन शाकीर)
परवीन शाकीर साहिबा का नाम तो आपने सुना ही होगा। उनकी शायरी की एक मक़बूल विषय है और वो है इश्क़ न मिलने की वजह से होने वाली तन्हाई। इस क़िताब में परवीन साहिबा की ग़ज़लों के साथ साथ उनकी बेइंतिहा ख़ूबसूरत नज़्में भी हैं। मैं तो ये कहूँगा कि मुझे उनकी नज़्में ज़ियादा पसंद आईं। ये क़िताब वाणी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित है और इसमें कुल 142 पन्ने हैं।
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4. चराग़ (वसीम बरेलवी)
वसीम साहब का तो सिर्फ़ नाम ही काफ़ी है। इन्होनें जो ज़िन्दगी के फ़लसफ़े ज़ाहिर किए हैं अपनी शायरी में वो बे-मिस्ल हैं। आसान शब्दों में हमेशा बड़ी बातें। मुझे व्यक्तिगत रूप से उनके मनोबल बढ़ाने वाले अश'आर बेहद पसंद हैं। वसीम साहब की शायरी न सिर्फ़ पढ़ी जाती है, बल्कि महसूस भी की जाती है।अगर इन पाँचों क़िताबों में भी कोई एक ही चुननी हो तो मैं आपको यही क़िताब पढ़ने को कहूँगा। इसमें कुल 172-173 पन्ने हैं जिनमें ग़ज़लों के साथ साथ वसीम साहब की नज़्में और गीत भी हैं।
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5. परों को खोल (शकील आज़मी)
मंजुल पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित ये क़िताब संग्रह है शकील साहब की ग़ज़लों और नज़्मों का। इस क़िताब की भाषा भी बहुत सरल है और आसानी से समझ आ जाती है। मैं बस यही कहूँगा कि ये किताब शायरी की दुनिया में नए कदम रखने वालों के लिए एक बेहतरीन शुरुआत है।
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तो ये थीं 5 Best Shayari Books You Must Read Once. ये पाँच किताबें सिर्फ़ शायरी नहीं, एहसास की मिसाल हैं। इन्हें पढ़ना खुद से मुलाक़ात करने जैसा है। ये न केवल अदब की समझ बढ़ाती हैं, बल्कि आपको अपने जज़्बात और सोच से भी गहराई से जोड़ती हैं। मुझे उम्मीद है कि आप कोई एक क़िताब लेके उसे ज़रूर पढ़ेंगे। कुछ अच्छा पढ़ते रहना बहुत ज़रूरी है ख़ासकर कि इस डिजिटल दौर में।
धन्यवाद।

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