आज हमने बात की दीवार से
अन-कही कह दी सभी दीवार से

जान लेवा हो गया था दिल का बोझ
दास्ताँ कहनी पड़ी दीवार से

जड़ से कटके सूखने के बावजूद
बेल इक लिपटी रही दीवार से

आते-जाते सहन में शाम-ओ-सहर
झाँकती है मुफ़्लिसी दीवार से

क्यों तेरे सीने पर उग आई दरार
आपने पूछा कभी दीवार से?

दीमकें चट कर गई तस्वीर को
कील इक लटकी रही दीवार से

- मनमौजी