2 Line Sad Shayari in Hindi
उसके फ़िराक़ से फ़ज़ा भी ग़मज़दा हुई
तूफ़ाँ भी कोई पत्ता हिला कर नहीं गया
तूफ़ाँ भी कोई पत्ता हिला कर नहीं गया
— अच्युतम यादव 'अबतर'
होगे गर मेरी क़िस्मत में तो
होगे आधा ज़रूरत से तुम
होगे आधा ज़रूरत से तुम
— अच्युतम यादव 'अबतर'
तेरा चेहरा फूल जैसा हो गया
मेरा बेज़ारी का नक़्शा हो गया
मेरा बेज़ारी का नक़्शा हो गया
— अच्युतम यादव 'अबतर'
आँसुओं की नदी में गर जाना
रुकना मत सीधे पार कर जाना
— अच्युतम यादव 'अबतर'
जिस्म पर हर ज़ख़्म का रुतबा तो मरहम तय करेगा
कितना हँसना है हमें ये बात भी ग़म तय करेगा
— अच्युतम यादव 'अबतर'
हमको तो कोई हम-सफ़र न मिला
मिलना तो चाहिए था पर न मिला
— अच्युतम यादव 'अबतर'
हिज्र से मुझको मर ही जाने दो
मेरे इस दर्द की दवा न करो
— अच्युतम यादव 'अबतर'
ये तय है कि रिश्ता नहीं है जनमों का अपना
सो वादों की दीवार गिराने के लिए आ
— अच्युतम यादव 'अबतर'
ख़बर है बे-रुख़ी की उसकी हम को भी ‘अबतर’
चलो ये राह-ए-ख़लिश से गुज़र के देखते हैं
— अच्युतम यादव 'अबतर'
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मुझसे छीना है इक हादसे ने उसे
वज्ह हर हिज्र की बेवफ़ाई नहीं
— अच्युतम यादव 'अबतर'
हम क़रीब आते तो रहे 'अबतर'
फ़ासला पर कभी मिटा ही नहीं
— अच्युतम यादव 'अबतर'
मैं ख़ुद पे था रक्खा हुआ इक लिहाफ़
मुझे मुझपे से ही हटाया गया
— अच्युतम यादव 'अबतर'
बे-रुखी वाजिब है तेरी जान-ए-मन
तू ने शिकवा करना क्यूँ कम कर दिया
— अच्युतम यादव 'अबतर'
उसने मिलने को दस बजे बोला
उस का दस तो कभी बजा ही नहीं
— अच्युतम यादव 'अबतर'
देख कर ये ज़ख़्म मेरा लोगों ने
और भी महँगा अपना मरहम कर दिया
— अच्युतम यादव 'अबतर'
किसी और से लगे दिल तेरा जानाँ
इसी ख़ातिर तो दिल टूटा हमारा
— अच्युतम यादव 'अबतर'
वो मुझे छोड़ कर चल पड़ी इस तरह
जैसे इन आँखों को आँसू तन्हा करे
— अच्युतम यादव 'अबतर'
हवाला बख़्त का देता रहा वो
कभी वो साथ तो देता हमारा
— अच्युतम यादव 'अबतर'
मैं उसके आँसुओं में डूब जाता हूँ
बहाने सारे वो रो कर बनाता है
— अच्युतम यादव 'अबतर'
क़िस्सा तेरा किया ख़त्म इस तरह से
तेरे दीदार तक की भी ख़्वाहिश न की
— अच्युतम यादव 'अबतर'
दिल में कितने अलम उबल रहे हैं
अश्क यूँ ही नहीं निकल रहे हैं
— अच्युतम यादव 'अबतर'
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हम तुम्हारे नसीब में नहीं हैं
चल दिए लोग बोलकर मुझ को
— अच्युतम यादव 'अबतर'
मेरी हमसाया है अब फ़क़त ख़ामुशी
क़ब्र ही बन गया है अब अपना मकाँ
— अच्युतम यादव 'अबतर'
एक मुद्दत हो गई, कोई न आया
आए तो आँसू ही आए तब भी अब भी
— अच्युतम यादव 'अबतर'
दोस्तो, उम्मीद करता हूँ कि ये पोस्ट '2 Line Sad Shayari in Hindi' पसंद आ रही होगी। अगर आपने यहाँ तक पढ़ा है तो आगे पढ़ते रहें। कुछ और भी बेहतरीन और दिलकश अश'आर हैं जो आपकी तवज्ह का इंतिज़ार कर रहे हैं।
ज़िंदगी में अकेले हैं जो भी
कौन उनसे भला ख़फ़ा होगा
— अच्युतम यादव 'अबतर'
अक्स मेरा है नहीं जिस में मुकम्मल
ज़िंदगी मानो उसी तस्वीर सी हो
— अच्युतम यादव 'अबतर'
मैं इसका ग़म समझता हूँ सो मुझको ऐसा लगता है
कि इसकी ख़ुदकुशी की वज्ह हो सकती है तन्हाई
— अच्युतम यादव 'अबतर'
है वहाँ तस्वीर और फूलों की माला
चाहता था मैं जहाँ पर इक घड़ी हो
— अच्युतम यादव 'अबतर'
मैं अकेले ही पूरा कर रहा हूँ
सपने जो हमने साथ देखे थे
— अच्युतम यादव 'अबतर'
दिल भर आता है मेरा उस दौरान
दिखता है उस में जब ख़ला मुझको
— अच्युतम यादव 'अबतर'
एक रस्सी गले में थी बँधी और
कमरे में कुछ ख़ुतूत बिखरे थे
— अच्युतम यादव 'अबतर'
अरमानों के टूटे हुए दो पर मिले
मेरी इन आँखों में कई पत्थर मिले
— अच्युतम यादव 'अबतर'
हौसला टूटा, टूटा घर अपना
ख़त्म हो ही गया सफ़र अपना
— अच्युतम यादव 'अबतर'
ले गया दूर कितना मुझे तुम से ये
मैंने शायद ग़लत ही चुना रास्ता
— अच्युतम यादव 'अबतर'
2 Line Heart Touching Shayari in Hindi
ख़ुशियों से एक-दम जुदा रही है
ज़िन्दगी मेरी बे-मज़ा रही है
— अच्युतम यादव 'अबतर'
मुझको ग़मगीन करती जा रही है
आज ख़ल्वत की जुस्तुजू शायद
— अच्युतम यादव 'अबतर'
ये जो आँसुओं का गिलाफ़ है कई दर्द इस में पले-बढ़े
कभी झाँक ले मिरी आँख में तुझे एतिबार अगर न हो
— अच्युतम यादव 'अबतर'
ऐसा चेहरा तो मुझपे जचता है
क्यों है बे-कैफ़ आपका चेहरा
— अच्युतम यादव 'अबतर'
दिल एक ऐसा बाग़ है जिसको
रंज-ओ-ग़म ने महकाया है
— अच्युतम यादव 'अबतर'
ख़ुद से आगे निकल के ऐ राही
ख़ुद को आवाज़ दे रहा हूँ मैं
— अच्युतम यादव 'अबतर'
दिल-ए-हसरत न कर हँसने की हसरत अब
ये शय है ही नहीं अपने ख़ज़ाने में
— अच्युतम यादव 'अबतर'
रह रह के मुझे इतना सताती है उदासी
आँसू मिरी आँखों से चुराती है उदासी
— अच्युतम यादव 'अबतर'
है रंज मुझको कि तिश्नगी बन न पाए तुम गाह
उतार दे सबका जो नशा वो शराब हो तुम
— अच्युतम यादव 'अबतर'
तक़दीर वरक़ माँगती है और फिर उसपे
ख़ुशियों से कहीं पहले बनाती है उदासी
— अच्युतम यादव 'अबतर'
दिल अपना खोला ताकि कुछ ग़म निकले, पर
इस दर से कुछ और ग़म भी अंदर आ गए
— अच्युतम यादव 'अबतर'
ज़रा उम्र का फ़ासला ही है वज्ह
कि ता-उम्र के फ़ासले हो गए
— अच्युतम यादव 'अबतर'
कुछ ढूँढ लाने का बहाना करके हम
कुछ देर को कमरे में रोकर आ गए
— अच्युतम यादव 'अबतर'
हमारा तो बचपन गया ही नहीं
हमारे खिलौने बड़े हो गए
— अच्युतम यादव 'अबतर'
लोग अब क्या अपने को बेहतर बनाएँगे
हम ही अपने दिल को अब पत्थर बनाएँगे
— अच्युतम यादव 'अबतर'
समय से पहले ही बर्बाद कर लिया ख़ुद को
समय का भी समय ऐसे बचा दिया मैंने
— अच्युतम यादव 'अबतर'
उम्र भर पुण्य करके हुआ इल्म इसका मुझे
स्वर्ग में भी फ़क़त चार दिन का ही मेहमान हूँ
— अच्युतम यादव 'अबतर'
एक बूढ़ा शख़्स गुज़रा सामने से जब आज
तो लगा जैसे कि आने वाला कल गुज़रा हो
— अच्युतम यादव 'अबतर'
बोलने लग गई है मेरे घर की हर एक शय
अपने घर में मैं 'अबतर' अब इकलौता सामान हूँ
— अच्युतम यादव 'अबतर'
यहाँ अब हँसना ही आसान है सो हँस रहे हैं सब
कि रोने की रि'आयत आज-कल मन्नत से मिलती है
— अच्युतम यादव 'अबतर'
उसके फ़िराक़ से फ़ज़ा भी ग़मज़दा हुई
तूफ़ाँ भी कोई पत्ता हिला कर नहीं गया
तूफ़ाँ भी कोई पत्ता हिला कर नहीं गया
— अच्युतम यादव 'अबतर'
बातों में आएगी न लोगों की
ये उदासी पढ़ी-लिखी है मिरी
— अच्युतम यादव 'अबतर'
बात बन न पाएगी चंद ईंटें ढहने से
है अज़ीम महल-ए-ग़म मेरे दिल के रक़्बे से
— अच्युतम यादव 'अबतर'
हाँ ये माना कि ख़ुशियों को ख़रीदा जा नहीं सकता
मगर यारो उदासी भी कहाँ दौलत से मिलती है
— अच्युतम यादव 'अबतर'
इन खिलौनों पे ही तो कब से लेटी है 'अबतर'
लाश अपने बचपन की ढूँढ ली है बक्से से
— अच्युतम यादव 'अबतर'
इसलिए की है मोहब्बत की ज़मीं तर उसने
ख़ुश्क हों जैसे ही आँसू तो दरार आ जाए
— अच्युतम यादव 'अबतर'
ये कौन कहता है मुझे हसरत है मौत की
पर साँस लेते रहना भी ख़िदमत है मौत की
— अच्युतम यादव 'अबतर'
है कहाँ वक़्त इक कुली को जो
बच्चों को देख पाए फ़ुर्सत से
— अच्युतम यादव 'अबतर'
बजाए ख़ुदकुशी के देखकर शीशा
वो जी भर के अगर रो ले तो अच्छा है
— अच्युतम यादव 'अबतर'
Sad Shayari For Status
हालात अपने देख के वो भी परेशाँ रहता है
चाहे वो कितना ही कहे सबसे कि "तो क्या हो गया"
— अच्युतम यादव 'अबतर'
'अबतर' ख़ुद अपने आप को मैंने न जाने खोया कब
इक आदमी तो मुझसे भी ज़्यादा मेरे जैसा मिला
— अच्युतम यादव 'अबतर'
बुरे दिनों के ऐसे फंदे हैं
बच्चों तक ने गुल्लक तोड़े हैं
— अच्युतम यादव 'अबतर'
मैं निभाने को निभा सकता हूँ हर इक का साथ
साथ में कोई हो तो साथ निभाने के लिए
— अच्युतम यादव 'अबतर'
अश्क कभी ज़ाहिर न हुए 'अबतर'
दुख के लाखों पर्दे होते हैं
— अच्युतम यादव 'अबतर'
शिकस्त खा रहे हैं दिल की सुनते-सुनते हम
सलाह-कार हमें अब नया दिया जाए
— अच्युतम यादव 'अबतर'
रूह ने ख़ुदकुशी कर ली है मेरे अंदर ही
अश्क मजबूर हैं अब लाश उठाने के लिए
— अच्युतम यादव 'अबतर'
तो दोस्तो, उम्मीद करता हूँ कि ये पोस्ट '2 Line Sad Shayari in Hindi' आपको पसंद आई होगी। आप Shergoi पर ऐसे और भी शायरी संग्रह पढ़ सकते हैं। अपना पसंदीदा शे'र ज़रूर कॉमेंट करें। अंत तक बने रहने के लिए आपका शुक्रिया।





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