तहम्मुल हू-ब-हू चट्टान देना
तुम्हें लगता है राहें मखमली थीं
हमारे नक़्श-ए-पा पर ध्यान देना
लक़ब बढ़ जाएगा मर्दानगी का
तुम औरत ज़ात को सम्मान देना
भले सौ-बार वापिस भेजना पर
वतन हर बार हिंदुस्तान देना
तुम्हारा हूँ तुम्हारा ही रहूँगा
किसी अफ़वाह पे मत ध्यान देना
हमें भी शायरी करनी है मौला
हमें भी दर्द के इम्कान देना
- मनमौजी
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