तेरा हर रंज-ओ-ग़म हमारा है
तेरा अहबाब में शुमारा है

मैं तो इसका फ़क़त मुहाफ़िज़ हूँ
दिल के कमरे पे हक़ तुम्हारा है

क्या कहा ? इंतिज़ार मत करना
हम नफ़स किस तरफ़ इशारा है

क़स्र-ए-उम्मीद के लिए मे'मार
मेरे पास ईंट है न गारा है

तुमको रुसवाइयों के मद्द-ए-नज़र
ज़िंदगी नाम से पुकारा है

ज़ेहन पागल है बकता है कुछ भी
दिल ये कहता है तू हमारा है

इश्क़ में हक़ शनास है 'मौजी'
उसका हर फ़ैसला गवारा है

- मनमौजी