शहर तेरा है सुर्ख़ियाँ तेरी
कौन पूछेगा ख़ामियाँ तेरी
याद रक्खूँगा दिल-नवाज़ी मैं
भूल जाऊँगा तल्ख़ियाँ तेरी
तू जिसे चाहेगा डुबो देगा
दरिया तेरा है कश्तियाँ तेरी
ज़िंदगी पेश आ सलीक़े से
मैं उड़ा दूँगा धज्जियाँ तेरी
रात आँखों में ही गुज़रनी है
खोल बैठा हूँ चिट्ठियाँ तेरी
जो तेरे क़हक़हे नहीं समझा
खाक़ समझेगा सिसकियाँ तेरी
मैं ब-होश-ओ-हवास था लेकिन
उफ़ ये आँखों की मस्तियाँ तेरी
- मनमौजी
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