2 line Heart Touching Shayari in Hindi

दोस्तों, कितनी बार ऐसा होता है कि हमें कोई कविता, शे'र या ग़ज़ल बहुत ज़ियादा पसंद आ जाता है। हम कुछ पल ठहर कर सोच में पड़ जाते हैं कि क्या ख़ूब लिखा है। आपको कुछ ऐसा ही एहसास देने के लिए मैं लाया हूँ 2 line Heart Touching Shayari in Hindi, जिसे पढ़के आपका दिल ख़ुश हो जाएगा। इस collection में ज़ियादातर शे'र हैं और चंद ग़ज़लें भी हैं जो आपको ज़रूर पसंद आएँगी।

दोस्तों एक ज़रूरी बात कहूँगा कि यहाँ प्रस्तुत हर शे'र और ग़ज़ल मेरी अपनी कही हुई है। मैं पिछले कई सालों से लिख रहा हूँ और जितना अभी तक लिखा हूँ उनमें से ही चुनकर आपके लिए 2 line Heart Touching Shayari in Hindi का कलेक्शन लाया हूँ। तो चलिए अब शुरू करते हैं।  

2 line Heart Touching Shayari in Hindi 

ज़िंदगी का हर वरक़ बा-शौक़ पढ़िए
ये किताब इक रोज़ लौटानी भी तो है
– अच्युतम यादव 'अबतर'
कह रहा था मैं नहीं है दुख किसी भी बात का
और छलक के गिर गया इक आँसू पिछली रात का
– अच्युतम यादव 'अबतर'
सिर्फ़ इसलिए ही लिखता हूँ उसे मैं रोज़ ख़त
ताकि उसमें बे-झिझक "तुम्हारा अपना" लिख सकूँ
– अच्युतम यादव 'अबतर'
हैरान था मैं उसकी ऐसी साहिरी तरकीब से
नफ़रत भी उसने मुझसे की तो की बड़ी तहज़ीब से
– अच्युतम यादव 'अबतर'
भर दो मेरे मक़बरे को और फूलों से ज़रा
है ख़फ़ा मुझ से फ़ना उसको मनाना भी तो है
– अच्युतम यादव 'अबतर'
मुस्कुराने से ग़म हुए थे अयाँ
ऐसे रोना है अब कि शाद लगूँ
– अच्युतम यादव 'अबतर'
मज़हबी धनुष ने ही लाईं दूरियाँ 'अबतर'
वरना इक ही तरकश में थे रखे हुए हम सब
– अच्युतम यादव 'अबतर'
वो जाने वाला तो मेरी दुनिया ही जैसे ले गया
और लोग कहते हैं कि ख़ाली हाथ जाते हैं सभी
– अच्युतम यादव 'अबतर'
मौत ऐसी मंज़िल है 'अबतर' जिसका तर्ज़-ए-सफ़र है नायाब
इंसाँ थक के बैठे तब भी बढ़ता रहता है आगे ही
– अच्युतम यादव 'अबतर'
2 line Heart Touching Shayari in Hindi
शायरी के भी सितम होते हैं दोस्त
अपने हर दुख लय में लाने पड़ते हैं
– अच्युतम यादव 'अबतर'

Best 2 Line Shayari in Hindi

नहीं थी शोहरत की भूक इतनी
निगल रहा है मलाल जितना
– अच्युतम यादव 'अबतर'
तल्ख़ लहजा लबों से अपने उतारा आख़िर
ज़ोम उसका मेरे एहसानों से हारा आख़िर
– अच्युतम यादव 'अबतर'
मैं तो डूब गया तेरे दिल के दरिया में
रो भी ले कि निकल आए अब लाश भी मेरी
– अच्युतम यादव 'अबतर'
इतनी सख़्त-दिली से छोड़ा है उसने 'अबतर'
डर लगता है अपनाने से अब तन्हाई भी
– अच्युतम यादव 'अबतर'
बारहा ग़लतियों का यही था सबब
मुझको इक ग़लती की भी रिआयत न थी
– अच्युतम यादव 'अबतर'
किसी का चेहरा पढ़ भी लूँ अगर तो फ़ायदा नहीं
कि भूल जाता हूँ पढ़ा हुआ मैं शब का सुब्ह तक
– अच्युतम यादव 'अबतर'
बच निकला जब ख़ुद से तो मंज़िल मिल गई
मैं आख़िरी पत्थर था अपनी राह का 
– अच्युतम यादव 'अबतर'
उम्मीद तो थी कि दिन बदलेंगे अपने कभी
दिन ऐसे बदले कि अब उम्मीद तक भी नहीं
– अच्युतम यादव 'अबतर'
2 line Heart Touching Shayari in Hindi
आख़िर कौन आएगा सुनने हक़ीक़त मेरी
इक इल्ज़ाम ने ही तय कर दी क़ीमत मेरी
– अच्युतम यादव 'अबतर'
ग़ुस्से में भी फ़िक्र करे वो ये है यकता
वैसे भी धूप में बारिश कम ही होती है
– अच्युतम यादव 'अबतर'
ताकि मिरी इक ख़्वाहिश तो पूरी हो जाए
इसकी ख़ातिर इक तारे ने ख़ुद-कुशी कर ली
– अच्युतम यादव 'अबतर'
उदासी भी इक व्रत है और व्रत भी ऐसा
नहीं टूटता है जो हँस देने से भी 
– अच्युतम यादव 'अबतर'
ख़ुशियाँ तो कश्मकश में हैं पीछे बहुत अभी
अब्र-ए-मुहाल है ग़मों का पस्त होना याँ
– अच्युतम यादव 'अबतर'
2 line Heart Touching Shayari in Hindi
उसका मेरा साथ होना चाँद-तारों जैसा ही है
दूरियाँ हैं तो बहुत पर लगता है इक साथ ही हैं
– अच्युतम यादव 'अबतर'

Best 2 Line Sad Shayari

उससे कहने में जब शरम आई
तब मिरे हाथों में क़लम आई

ज़िन्दगी मेरे हिस्से में तू भी
आई लेकिन बहुत ही कम आई
– अच्युतम यादव 'अबतर'
वो जिसका हमने रोज़-ओ-शब सज्दा किया
उस शख़्स ने ही तो हमें तन्हा किया
– अच्युतम यादव 'अबतर'
आँसू दिल हल्का तो कर देते लेकिन 
यादें पलकों पर पत्थर रख देती हैं 
– अच्युतम यादव 'अबतर'
क्यों बुलाया तुमने ऐसी बज़्म में यारों मुझे
सबको घुलता देख मैं और भी अकेला हो गया
– अच्युतम यादव 'अबतर'
अमीरी नख़रों से सिर पर उठा लेती है अपना घर
ग़रीबी में तो पलकें भी घरों से भारी होती हैं
– अच्युतम यादव 'अबतर'
ये हवाओं की संगत का फल था कि अब
आइने में नहीं दिखता मेरा बदन
– अच्युतम यादव 'अबतर'
ये ज़िन्दगी की दौड़ दौड़कर मिला ही क्या हमें
न जीता शख़्स घर जा पाता है न हारा शख़्स ही
– अच्युतम यादव 'अबतर'
शाम हो या सुब्ह माँ को तारा बतलाते हैं सब
दौड़ निकला घर से इक दिन गिरता तारा देखकर
– अच्युतम यादव 'अबतर'
जब तलक रही तू ऐ ज़िन्दगी रही ज़्यादा
क्या मलाल मुझ को अब कल यहाँ न होने का
– अच्युतम यादव 'अबतर'
मैं न तो कसूरवार था ना बे-गुनाह ही
हाँ मैं भी तमाशबीन भीड़ का ही हिस्सा था
– अच्युतम यादव 'अबतर'
2 line Heart Touching Shayari in Hindi
और थोड़ा जान लीजे हिज्र के बारे में मुझसे
मैं तो कर लूँगा ये दरिया पार बस डर आपका है
– अच्युतम यादव 'अबतर'

अब क्योंकि तू मुझसे जुदा होता नहीं

दिल में ग़मों का दाख़िला होता नहीं

दिल को तसल्ली कैसे दें तू ही बता

अब ज़र्द पत्ता तो हरा होता नहीं

– अच्युतम यादव 'अबतर'

सामने उनके सर झुकाएँ हम

वो हैं तूफ़ान और हवाएँ हम


तन्हा रातों में अश्क बहते रहे

तुमको देते रहे सदाएँ हम

– अच्युतम यादव 'अबतर'
थोड़ा सा गँवाता था उन्हें रोज़ मैं 'अबतर'
और रोज़ मुझे थोड़ा गँवाते थे पिता जी
– अच्युतम यादव 'अबतर'
जब ये तख़य्युल मेरे ज़ेहन में आया तो मैं थोड़ा emotional हो गया था। पिता पर मैं जब भी कुछ लिखने या कहने की कोशिश करता हूँ ख़ासकर कोई शायरी तो दिल भर आता है जैसा कि इस शे'र में हुआ।   

क्यों लबों पे तिरी 'नहीं' 'नहीं' है

तुझको क्या मुझपे भी यकीं नहीं है

देखते हो हज़ार बार उसे

और कहते हो वो हसीं नहीं है

– अच्युतम यादव 'अबतर'

तुम्हीं तो इश्क़ के दरिया में लाए

तुम्हीं थे आसरा पर तुम न आए

– अच्युतम यादव 'अबतर'

ख़याल आया जब आज तेरा

हुए साफ़ कुछ दिल के जाले

– अच्युतम यादव 'अबतर'

गर्मी में तो पेड़ों से यारी रहती है

सर्दी में क्यों हाथों में आरी रहती है


ये बात मेरे सर पे तारी रहती है

चिंता मुझे हर पल तुम्हारी रहती है

– अच्युतम यादव 'अबतर'

तेरी अँधेरी शब का सहारा न बन सका

मैं भी वो जुगनू था जो सितारा न बन सका

– अच्युतम यादव 'अबतर'

जंग में बच न पाया सर मेरा

ख़ुल्द में बन गया है घर मेरा


उसने आँखें टिका के क्या देखीं

हो गया दिल इधर-उधर मेरा

– अच्युतम यादव 'अबतर'

गर ज़ब्त हों आँसू तो दिल बह जाएगा

रो लेने से ये हादसा होता नहीं

– अच्युतम यादव 'अबतर'
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ख़्वाब में आए थे मेरे माँ-बाप

पूछे दुख तेरे लेके जाएँ हम?

– अच्युतम यादव 'अबतर'

कर न पातीं वसूली यादें तेरी

वो तो दिल का कोई मकीं नहीं है

– अच्युतम यादव 'अबतर'

मेरी नज़रें तुझ पर ही होंगी

कहीं तू न आँखें चुरा ले

– अच्युतम यादव 'अबतर'

झुक जाए माँ की शर्म से गर्दन जो लोगों में

लहजा कभी भी ऐसा हमारा न बन सका

– अच्युतम यादव 'अबतर'
2 line Heart Touching Shayari in Hindi

आज तक मिल सके न ये दोनों

बाप का कंधा और सर मेरा

– अच्युतम यादव 'अबतर'

तुम्हारे बिन मेरी कोई ताबानी ही नहीं है

मैं चाँद हूँ और मेरे ही आफ़ताब हो तुम

– अच्युतम यादव 'अबतर'

2 Line Heart Touching Shayari

एक दूजे से कितनी नफ़रत है

झूठ है ये कि दुनिया जन्नत है

– अच्युतम यादव 'अबतर'

तजरबे ऐसे नहीं मिलते तबर्रा में

तजरबे जो इश्क़ के दौरान होते हैं

– अच्युतम यादव 'अबतर'

ज़िन्दगी ने मेरे साथ क्या क्या किया

खोल दीं मेरी आँखें ये अच्छा किया

– अच्युतम यादव 'अबतर'

ख़्वाहिशों के लबों को सी लेंगे

हम भी तेरे बग़ैर जी लेंगे

– अच्युतम यादव 'अबतर'

आई नज़दीक जब मेरी मंज़िल तो फिर

रास्ते से मिरे हट गया रास्ता

– अच्युतम यादव 'अबतर'

साँसों की इस खिड़की पे तू पर्दा न कर

मैं मर ही जाऊँगा मुझे तन्हा न कर

– अच्युतम यादव 'अबतर'

तेरा दिल दरिया है तो उसमें मैं अपनी

दिल की कश्ती को डुबाना चाहता हूँ

– अच्युतम यादव 'अबतर'

अपना लहजा नहीं बदल सकते

दोस्त! इसको ग़ुरूर कहते हैं

– अच्युतम यादव 'अबतर'
दोस्तों, उम्मीद करता हूँ कि ये 2 line Heart Touching Shayari in Hindi का collection आप लोगों का दिल छू रहा होगा और आपको जज़्बात और एहसासात की एक नई दुनिया से रू-ब-रू करवा रहा होगा। आगे भी दिल से पढ़ते रहिए क्योंकि आगे भी जो अश'आर हैं वो आपका दिल छू लेंगे और आप पर शायरी का एक अलग ही ख़ुमार होगा।  

मानो मिल आए अजनबी से हम

जब मिले आज ज़िन्दगी से हम

– अच्युतम यादव 'अबतर'

ज़िन्दगी ले गई जिधर मुझ को

बस कराती रही सफ़र मुझ को


ऐ नज़र को उतारने वाले

लग गई आपकी नज़र मुझ को

– अच्युतम यादव 'अबतर'

जाने मंज़िल हमें मिलेगी कब

एक रस्ते पे कब से चल रहे हैं

– अच्युतम यादव 'अबतर'

इक ग़ज़ल का शजर लगाना है

मेरे अशआर छत पे जल रहे हैं

– अच्युतम यादव 'अबतर'

ज़ख़्म मेरा नया नहीं लगता

और तू इसकी दवा नहीं लगता


ज़िन्दगी इक तमाशा ही तो है

अब ये मंज़र बुरा नहीं लगता

– अच्युतम यादव 'अबतर'

उसके साए से भी मैं लिपट जाता हूँ

जब कभी भी दिए को जलाती है माँ

– अच्युतम यादव 'अबतर'

ये कैसे मानूँ मैं कि वो आएगा लौट कर

कोई दिलासा भी तो दिला कर नहीं गया

– अच्युतम यादव 'अबतर'

अरमानों के टूटे हुए दो पर मिले

मेरी इन आँखों में कई पत्थर मिले


इस तन्हा दिल को तू मिला कुछ इस तरह

मानो नदी पे तैरता अख़्तर मिले

– अच्युतम यादव 'अबतर'

इश्क़ की सफ़ में ढूँढ़ते हैं मुझे

मैं नहीं आता हूँ किसी के बाद

– अच्युतम यादव 'अबतर'
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ख़ुल्द में ढूँढ़कर निकालूँगा

मुझको धरती पे तू अगर न मिला

– अच्युतम यादव 'अबतर'

उसी दरिया में डूबा था मैं जहाँ

मुझे राख़ करके बहाया गया

– अच्युतम यादव 'अबतर'

पहले घटा को छाने दो

पानी ज़रा सा आने दो


जाएँगे फिर कभी वहाँ

कुछ दिन उसे बुलाने दो

– अच्युतम यादव 'अबतर'

चढ़ी है जब से मेरे माथे पर वो कर्ज़ की ख़िज़ाँ

यूँ लगता है कि कोई पत्ता होठों से उतर गया

– अच्युतम यादव 'अबतर'
2 line Heart Touching Shayari in Hindi

Trending 2 Line Shayari in Hindi

याद आख़िर मिरी आई तुम को

रास आई न तन्हाई तुम को

– अच्युतम यादव 'अबतर'

साँसें भी अंतिम निशानी होती हैं ये माना तब

जब हमें उसका फुलाया एक गुब्बारा मिला

– अच्युतम यादव 'अबतर'

उजाला अपने हाथों से मुझे भी दूर कर देता

अगर मैं पीठ पीछे उसके कुछ बे-नूर कर देता

– अच्युतम यादव 'अबतर'

रूबरू होना उस ख़त से तुम

लौट के आना जन्नत से तुम


होगे गर मेरी क़िस्मत में तो

होगे आधा ज़रूरत से तुम

– अच्युतम यादव 'अबतर'

जिसको समझता था मैं कभी वक़्त की रज़ा

वो मौत ज़िन्दगी के इशारों पे आई है

– अच्युतम यादव 'अबतर'

निकल कर मेरी जेब से रूह भी

गिरी जब मुझे नीचे झुकना पड़ा

– अच्युतम यादव 'अबतर'

बिन बाली पहने बच्ची के वो कान देखिए

लाचारी, मुफ़लिसी के भी गुलदान देखिए

– अच्युतम यादव 'अबतर'

होली के रंग सा हूँ उसकी हथेली पर मैं

डरा हूँ वक़्त कभी तो मिटा कर जाएगा

– अच्युतम यादव 'अबतर'

घरौंदे बच्चों के ख़ातिर बनाता हूँ

मैं मिट्टी को भी मिट्टी से सजाता हूँ

– अच्युतम यादव 'अबतर'

धूप ही ज़िन्दगी है शजर कहते हैं

छाँव धोखा है इससे बचा कीजिए

– अच्युतम यादव 'अबतर'

कि जाते जाते हर इक जंग कह जाती है लश्कर से

कि क्यों तलवारों को तुमने मियानों में नहीं रक्खा

– अच्युतम यादव 'अबतर'

ये पल इक पल और भी ख़ूबसूरत हो सकता है क्या

उजाला भी इस तमस में किसी दिन खो सकता है क्या

– अच्युतम यादव 'अबतर'

जंग में बच न पाया सर मेरा

ख़ुल्द में बन गया है घर मेरा

– अच्युतम यादव 'अबतर'

तेरी अँधेरी शब का सहारा न बन सका

मैं भी वो जुगनू था जो सितारा न बन सका

– अच्युतम यादव 'अबतर'

ज़िन्दगी आग का खेल है

खेल कर आप जल जाइए

– अच्युतम यादव 'अबतर'

चाँदनी मुझसे लिपट जाए तो क्या होगा

दुनिया दो गज़ में सिमट जाए तो क्या होगा

– अच्युतम यादव 'अबतर'

आज मेरा आशियाँ बाज़ार हो जाए तो

इक असासा रखना भी दुश्वार हो जाए तो


नेक-नीयत रखना अच्छी बात है हाँ लेकिन

गर यही ख़ुद के लिए तलवार हो जाए तो

– अच्युतम यादव 'अबतर'

हो हसीन कितनी तुम जानते हैं हम लेकिन

कहना हो हमें जब भी बस तभी नहीं कहते

– अच्युतम यादव 'अबतर'
2 line Heart Touching Shayari in Hindi
उसने आँखें टिका के क्या देखीं
हो गया दिल इधर-उधर मेरा
– अच्युतम यादव 'अबतर'
झुक जाए माँ की शर्म से गर्दन जो लोगों में
लहजा कभी भी ऐसा हमारा न बन सका
– अच्युतम यादव 'अबतर'

सब कुछ कितना अच्छा होता

ख़ुशियों का गर पहरा होता


शब चूम लिया करती मुझको

मैं गर शबनम जैसा होता

– अच्युतम यादव 'अबतर'

ख़्वाब में आते थे ख़ुदा की तरह

रौशनी देते थे दिया की तरह


सोचता था मैं क्या ये सोचते थे

है कठिन सोचना पिता की तरह


– अच्युतम यादव 'अबतर'
ग़म का इक दरिया है तैयार डुबाने को आज
और सहारे की तरह कश्तियाँ हैं वो आँखें
– अच्युतम यादव 'अबतर'
मुझको ही हो गई थी मोहब्बत मियाँ
वो तो तैयार था दोस्ती के लिए
– अच्युतम यादव 'अबतर'
इक लिफ़ाफ़े में मिली उसकी उदासी ‘अबतर’
अश्कों से भीगी हुई चिट्ठियाँ हैं वो आँखें
– अच्युतम यादव 'अबतर'
चलो फिर दोड़तें हैं हम मोहब्बत की ये मुश्किल दौड़
ज़रा देखें कि पहले कौन थकता है मोहब्बत में
– अच्युतम यादव 'अबतर'
2 line Heart Touching Shayari in Hindi
आसमाँ में कहीं जगमगाती है माँ
गोद में तारों को अब सुलाती है माँ
– अच्युतम यादव 'अबतर'
खुल गई अक़्ल बंदगी के बाद
ढूँढ़िए रब को आदमी के बाद
– अच्युतम यादव 'अबतर'

जिस्म पर हर ज़ख़्म का रुतबा तो मरहम तय करेगा

कितना हँसना है हमें ये बात भी ग़म तय करेगा

– अच्युतम यादव 'अबतर'
बात जब 2 line Heart Touching Shayari की हो रही हो और आप तक मेरी कोई ग़ज़ल न पहुँचे ऐसा कैसे हो सकता है। ग़ज़ल तो शायरी का एक अटूट हिस्सा है। तो चलिए, दिल छू लेने वाली मेरी चंद ग़ज़लें भी पढ़िए। आपको शायरी से मोहब्बत हो जाएगी।  

मेरी चंद ग़ज़लें 

मिट गई ख़लिश न जाने कब मुझे नहीं पता

काँटों की लगी है क्यों तलब मुझे नहीं पता


मेरा हर झरोखा चुन दिया गया अगर तो फिर

मुझको कौन बेचता है शब मुझे नहीं पता


ख़ुश बहुत है मेरा हमसफ़र हर एक मोड़ पर

ऐसा मुझसे क्या हुआ ग़ज़ब मुझे नहीं पता


पाँव बेड़ियों में ज़्यादा तेज़ चलने लग गए

कुछ न कुछ ज़रूर है सबब मुझे नहीं पता


आँखें नाक कान गाल तो हसीन थे बहुत

क्या थे इतने ही हसीन लब मुझे नहीं पता


आसमाँ भी पार कर लिया अब उनकी साँसों ने

उनकी यादें थक के बैठीं कब मुझे नहीं पता


– अच्युतम यादव 'अबतर'

हर कोई इतना मुकम्मल क्यों है

मुझ में इस बात से हलचल क्यों है


अपनी दरवाज़े सी पलकें खोलो

उस दरीचे पे वो काजल क्यों है


अब नहीं रोता हूँ रातों में तो

खाट के पास ये दलदल क्यों है


यार मैं अक्ल का मारा हूँ ना

बोलो फिर दिल मिरा पागल क्यों है


माँ ने रोटी को दिया है तरजीह

पूछो मत हाथों में पायल क्यों है


आग इक जेब में रक्खे हो फिर

दूसरी जेब में बादल क्यों है


– अच्युतम यादव 'अबतर'
3

क्या सच में वो लाचार था

या फिर कोई ग़द्दार था


महफूज़ था मैं लहरों में

जो डूबा वो उस पार था


घाटे में लगता था नफ़ा

ऐसा भी इक बाज़ार था


सच का पता है ही नहीं

और हाथ में अख़बार था


बरसाए मुझपर कितने फूल

मरना भी क्या त्यौहार था


रस्ते ही दुश्मन थे मेरे

पत्थर मिरा जब यार था


खोटी हैं नज़रें उसकी जो

आँखों का दावेदार था


– अच्युतम यादव 'अबतर'

तुझसे तेरा क़मर ख़फ़ा है, है ना?

तुझको भी कुछ न कुछ हुआ है, है ना?


कोई तो है जो उसको भा रहा है

तीर सा दिल पे कुछ लगा है, है ना?


खोलता क्या है राज़ उसके तू

इश्क़ तुझको भी तो हुआ है, है ना?


मिट्टी हैरत से देखे जा रही है

आसमाँ जेब से गिरा है, है ना?


तेरे होने से है सुकून बहुत

बोल तू ही मिरा ख़ुदा है, है ना?


एक तितली की तरह आती हो तुम

गुल मिरे होठों पे खिला है, है ना?


– अच्युतम यादव 'अबतर'
5

मुझे पता नहीं मिरा ज़मीर कितने दर गया

कोई बताए क्यों मैं अपनी बातों से मुकर गया


मैं खो गया था ऊँची सी हवेलियों की चाह में

कि खोजने मुझे मिरा ही घर हज़ारों घर गया


वो अश्म बावला था, नासमझ था और सनकी भी

सुना है ठोकरों के इंतज़ार में ही मर गया


किसी की आँधियों से कोई दुश्मनी नहीं है पर

हवाओं का बदलता लहजा जो भी देखा डर गया


बग़ीचे सी ज़ुबाँ पे एक गुल सा लहजा बोया था

रुकी जहाँ से बातें, उसके आगे तक असर गया


चढ़ी है जब से मेरे माथे पर वो कर्ज़ की ख़िज़ाँ

यूँ लगता है कि कोई पत्ता होठों से उतर गया


– अच्युतम यादव 'अबतर'
6

तुमने ख़ुद को मेरा हमदम कर दिया

मैंने भी ग़म करना अब कम कर दिया


गूँज क्यों है एक सहरा की यहाँ

उसने किसकी आँखों को नम कर दिया


मैं हवा की तरह उड़ता था कभी

छू के किसने मुझको मौसम कर दिया


रोज़ दिल के फूलों पे जमती रही

तुझको इन यादों ने शबनम कर दिया


देख कर ये ज़ख़्म मेरा लोगों ने

और भी महँगा अपना मरहम कर दिया


– अच्युतम यादव 'अबतर'
7

जो शोहरत से जल जाते हैं

तन्हाई में ढल जाते हैं


पत्थर से भी ठोस थे जो लोग

जाने कैसे पिघल जाते हैं


तखरी पे मत तोलो इनको

इंसाँ पल में बदल जाते हैं


इतना ऊब गए ख़र्चों से

जन्नत भी पैदल जाते हैं


ख़ामोशी कैसे ठहरेगी

याँ तूफ़ान फिसल जाते हैं


– अच्युतम यादव 'अबतर'

तो दोस्तों मुझे उम्मीद है कि आप सभी को मेरी 2 line Heart Touching Shayari in Hindi का ये collection पसंद आया होगा। आप मुझे कमेंट बॉक्स के ज़रिए ज़रूर बताएँ कि कौन सा शे'र या ग़ज़ल आप का दिल छू गई। मुझे बहुत ख़ुशी हुई अपनी दिल छू लेने वाली शायरी आप सभी से साझा करके। आप इस ब्लॉग पर मेरी अन्य ग़ज़लें भी पढ़ सकते हैं। वो ग़ज़लें भी आपको निराश नहीं करेंगी।    

धन्यवाद।

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